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Tribes TV 

 "The Gondwana(Tribes TV)" 

इस चैनल में आपका हार्दिक स्वागत है इस चैनल में आदिवासीयो से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम,उनकी संस्कृति रहन-सहन,खान-पान,बोली-भाषा, गोंडवाना और गोंडी कल्चर से संबंधित जानकारी एवं गोंडी सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं गोन्डी भाषा सीखने तथा आदीवासीयो से संबंधित विभिन्न प्रकार की जानकारी आपके साथ शेयार किया जाएगा। और आप सभी से निवेदन है कि आप मेरे चैनल को बढ़ाने के लिए सहयोग करे। 

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गोंडवाना की एक और विस्मृत धरोहर / KHEDLA KILAA

GARH KHEDLA KA ITIHAS गोंडवाना की एक और विस्मृत धरोहर का पता चला । बेतुल शहर से 8 किलोमीटर उत्तर पूर्व दिशा में गोंडवाना के 52 महत्त्वपूर्ण गढ़ों में से एक गढ़ खेरला का भ्रमण करने का सुअवसर मिला ।यह क़िला रावणवाड़ी ऊर्फ खेडला ग्राम के पास स्थित है। खेरला (खेडला)सूबा बरार के अंदर आने वाला प्रमुख गढ़ था । आज इस क़िले की बदहाली और जर्जर अवस्था देख के आँखों में आँसू आ गए । कभी अपने वैभव और समृद्धि के लिए जाना जाने वाला क़िला अपनी दुर्दशा पर चीख़ चीख़ कर आँसू बहा रहा है । आज जब क़िले के भीतर प्रवेश किया तो सोचने लगा कि क्या कोई देश और प्रदेश अपने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को ऐसे ही नष्ट होने देता है ? विश्व प्रसिद्ध इतिहासकार टोलमी के अनुसार वर्तमान बैतूल ज़िला अखण्ड भारत का केन्द्र बिन्दु था। इस बैतूल में 130 से 160 ईसवी तक कोण्डाली नामक गोंड राजा का राज्य था। गोंड राजा- महाराजाओं की कई पीढिय़ो ने कई सदियो तक खेरला के क़िले पर राज किया। खेरला का क़िला किसने बनवाया ये ठीक ठीक ज्ञात नहीं है लेकिन इतिहासकारों ने एक गोंड राजा इल का वर्णन किया है जिसका शासन बेतुल से अमरवती तक फैला था। 15वीं...

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  मुंडा" जयंपसंयू अरोमान "भुईया आबा बिरसा मुंडा" जनेनेटी (15 नवंबर "धरती बाबा बिरसाती🙏 बिरसा मुंडा ना जनेआयना पदारू नूर येर्सयू (1875 ) पद्क ते चुडुर नागपुर ते मुंडा बिरंदा ते आसी मत्ता। मुंडा उंदी जनजाती बिडार मत्ता वोर चुडुर नागपुर पठार ते मंदुर । बिरसा जी पनरू नूर (1900) ते मुन्नेताल मन्नेझनार्क तुन उरझेकियाना ता आरोप ते बयसी लेतुर अनी ओन रंड (2) सावरी ता डंड आसित। अनी आखरीते नरूंग (9) कोंदोमान पनरू नूर (1900) ते अंग्रेज्क ना कयदल ओन उंदी मद्दो सायना दवाय सियाना ता लयताल ओना सायना आसित। (बिरसा मुंडा का जनेआयना 1875 के दशक में छोटा नागपुर में मुंडा परिवार में हुआ था । मुंडा एक जनजातीय समूह था जो छोटा नागपुर पठार में निवास करते थे । बिरसा जी 1900 में आदिवासी लोगो को भड़काने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें 2 साल की सजा हो गई । और अंततः 9 जून 1900 मे अंग्रेजो द्वारा उन्हें एक धीमा जहर देने के कारण उनकी मौत हो गई।) मुन्ने ता पिसवार सुगना मुंडा अनी करमी हातू तोर मर्री बिरसा मुंडा ना जनेआयना पसंयू (१५) अरोमान पदारू नूर सर्सयू (१८७५) ते झारखंड प्रदेश ते राँची...

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